आरवली पर्वत की 10 प्रमुख विषेसताएं जिसका सुरक्षित होना जरुरी है।By prakash / December 25, 2025 फोटो :- AI 1. प्राचीनतम पर्वत श्रेणी – आरवली दुनिया की सबसे पुरानी पर्वत शृंखलाओं में गिनी जाती है (लगभग 1500–2500 मिलियन वर्ष पुरानी)। 2. भौगोलिक विस्तार – यह गुजरात से शुरू होकर राजस्थान होते हुए हरियाणा और दिल्ली तक लगभग 700–800 किमी तक फैली है। 3. मरुस्थल से सुरक्षा कवच – थार मरुस्थल को पूर्व की ओर फैलने से रोकती है, इसलिए यह “ग्रीन वॉल” की तरह काम करती है। 4. जल स्रोतों की जननी – बनास, लूणी, साहिबी जैसी कई नदियाँ यहीं से निकलती हैं और भूजल रिचार्ज में मदद करती हैं। 5. जैव विविधता का केंद्र – यहाँ कई वनस्पतियाँ, औषधीय पौधे, पक्षी और वन्यजीव पाए जाते हैं। 6. जलवायु संतुलन – आरवली मानसून को प्रभावित कर वर्षा में मदद करती है और तापमान संतुलन बनाए रखती है। 7. मिट्टी संरक्षण – पहाड़ियाँ और वन कटाव (soil erosion) को रोककर उपजाऊ मिट्टी बचाते हैं। 8. खनिज संपदा – यहाँ तांबा, जस्ता, संगमरमर आदि मिलते हैं, लेकिन अंधाधुंध खनन से नुकसान हो रहा है। 9. ऐतिहासिक व सांस्कृतिक महत्व – कई प्राचीन सभ्यताएँ, किले और धार्मिक स्थल आरवली क्षेत्र में स्थित हैं। 10. जनजीवन का आधार – राजस्थान, हरियाणा और दिल्ली NCR के करोड़ों लोगों के लिए पानी, हवा और पर्यावरण का समझ है।